वतन से दूर हूँ लेकिन अभी धड़कन वहीं बसती वह जो तस्वीर है मन में निगाहों से नहीं हटती। साँसों में बसी है अब तक वह सौंधी गंध धरती की मैं जन्मूं सिर्फ भारत में दुआ रब से यही करती। बड़े ही वीर थे वे जन जिन्होंने झूल फाँसी पर दिला दी हमको आजादी। नमन शत-शत उन्हें करती।
Join 4M+ learners. Unlock unlimited quizzes, wrong-answer tracking, flashcards + reminders, study guides, and 1-on-1 challenges.