रंग-रंग के रूप हमारे अलग-अलग है क्यारी-क्यारी लेकिन हम सबसे मिलकर ही इस उपवन की शोभा सारी एक हमारा माली हम सब रहते नीचे एक गगन के हम सब सुमन एक उपवन के।। सूरज एक हमारा, जिसकी किरणें उसकी कली खिलातीं, एक हमारा चाँद चाँदनी जिसकी हम सबको नहलाती। मिले एकसे स्वर हमको हैं, भ्रमरों के मीठे गुंजन के हम सब सुमन एक उपवन के।। काँटों में मिलकर हम सबने हँस-हँस कर है जीना सीखा, एक सूत्र में बँधकर हमने हार गले का बनना सीखा। सबके लिए सुगन्ध हमारी हम शृंगार धनी निर्धन के हम सब सुमन एक उपवन के।
Join 4M+ learners. Unlock unlimited quizzes, wrong-answer tracking, flashcards + reminders, study guides, and 1-on-1 challenges.