''डिंगल कवियों की वीर-गाथाएं‚ निर्गुणिया संतों की वाणियाँ‚ कृष्ण भक्त या रागानुगा भक्तिमार्ग के साधकों के पद‚ राम-भक्त या वैधी भक्तिमार्ग के उपासकों की कविताएं‚ सूफी साधना से पुष्ट मुसलमान कवियों के तथा ऐतिहासिक हिन्दू कवियों के रोमांस और रीति-काव्य- ये छहों धाराएँ अपभ्रंश कविता का स्वाभाविक विकास हैं।''- यह कथन किसका है?

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''डिंगल कवियों की वीर-गाथाएं‚ निर्गुणिया संतों की वाणियाँ‚ कृष्ण भक्त या रागानुगा भक्तिमार्ग के साधकों के पद‚ राम-भक्त या वैधी भक्तिमार्ग के उपासकों की कविताएं‚ सूफी साधना से पुष्ट मुसलमान कवियों के तथा ऐतिहासिक हिन्दू कवियों के रोमांस और रीति-काव्य- ये छहों धाराएँ अपभ्रंश कविता का स्वाभाविक विकास हैं।''- यह कथन किसका है?