माथे पर छलका पसीना किस गुण को सूचित करता है?

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Class 6 Hindi Practice Test: अपठित काव्यांश (Poem Passage) 5 — practice the complete quiz, review flashcards, or try a random question.

लड़ते हुए सिपाही का गीत बनो रे
हारना है मौत, तुम जीत बनो रे
फूलों से खिलना सीखो, पंछी से उड़ना
पेड़ों की छाँव बनके धरती से जुड़ना
पर्वत से सीखो, कैसे चोटी पर चढ़ना
गेहूँ के दानों-सी प्रीत बनो रे
जब बैठे-बैठे आँखें भर आएँ दुख से
फिर सोचना, दिन कैसे बीतेंगे सुख से
दुख की लकीरें मिट जाएँगी मुख से
सूरज-सा उगने की रीत बनो रे
माथे पर छलके भाई! जब भी पसीना
इक पल हवाओं के भी होठों पर जीना


माथे पर छलका पसीना किस गुण को सूचित करता है?