Chhattisgarh Public Service Commission (CGPSC)
Random


Click random to get a fresh chapter.

छत्तीसगढ़ राजव्यवस्था एवं शासन (Chhattisgarh GK in Hindi - Administration)




छत्तीसगढ़ विधायिका

छत्तीसगढ़ विधान सभा भवन का नाम मिनीमाता के नाम पर रखा गया है।
v 14 दिसम्बर 2000 को सदन की पहली बैठक हुई
v श्री महेंद्र बहादुर ¯सह पहले प्रोटेम स्पीकर के रूप में नियुक्त किये गए थे।
v महामहिम राज्यपाल जब तक नए स्पीकर को नियुक्ति नहीं करते तब तक अध्यक्ष अपने पद पर बने रहते हैं।
v राजेंद्र प्रसाद शुक्ल छत्तीसगढ़ विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष थे।
v बनवारी लाल अग्रवाल छत्तीसगढ़ विधान सभा के प्रथम उपाध्यक्ष थे।
v नन्द कुमार साय छत्तीसगढ़ के प्रथम नेता प्रतिपक्ष थे।
v श्रीमती रेणु जोगी छत्तीसगढ़ की पहली महिला उपनेता प्रतिपक्ष है।
v सत्यनारायण शर्मा दिसम्बर 2013 के नए विधानसभा सत्र के लिए प्रोटेम स्पीकर थे।
v छत्तीसगढ़ में राज्य सभा सीट की संख्या – 05
v छत्तीसगढ़ में लोकसभा सीट की कुल संख्या -11
v अनु. जाति के लिए आरक्षित – 01
v अनु. जनजाति के लिए आरक्षित – 04
v अनारक्षित सीट – 06
v छत्तीसगढ़ विधानसभा सीट की कुल संख्या – 90
v अनु. जाति के लिए आरक्षित – 10
v अनु. जनजाति के लिए आरक्षित – 29
v अनारक्षित सीट – 51
v प्रतिनिधित्व न होने पर राज्यपाल के द्वारा एक विधायक एंग्लो इंडियन समुदाय से सम्मिलित कर सकते हैं इस स्थिति में सदन की संख्या 91 हो जाती है।

छत्तीसगढ़ की पुलिस प्रशासन एवं जेल

पुलिस प्रशासन

v 'परित्राणाय साधुनाम' छत्तीसगढ़ पुलिस का आदर्श वाक्य है।
v प्रदेश के शीर्ष पुलिस अधिकारी का पद पुलिस महानिदेशक का है।
v पुलिस प्रशासन की दृष्टि से प्रदेश को रेंज में विभाजित किया गया है रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा है।
v रायपुर को आई. जी. इंटेलिजेंस के पर्यवेक्षण में रखा गया है।
v जिले में पुलिस अधीक्षक शीर्ष पुलिस अधिकारी होते हैं।
v प्रदेश में रेलवे सुरक्षा के लिए रायपुर में रेलवे पुलिस अधीक्षक पद बनाया गया है।
v सशस्त्र पुलिस बल – प्रदेश में 7 भारत रक्षित वाहिनी सहित सशस्त्र पुलिस बल की 16 बटालियन है।
v भारत रक्षित वाहिनी बटालियन का मुख्यालय राजनांदगांव में है।

छत्तीसगढ़ में अन्य पुलिस प्रशिक्षण केंद्र

v पुलिस ट्रे¯नग सेंटर माना, जिला रायपुर
v पुलिस ट्रे¯नग सेंटर जिला राजनांदगांव
v हाक प्रशिक्षण केंद्र बारसूर जिला दंतेवाड़ा
v प्रशिक्षण केंद्र बोरगांव जिला कोंडागांव
v अपराधों के व्यवस्थित रिकार्ड के लिए स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो की स्थापना की गयी है।
v राज्य में ¯फ्Qगर ¯प्रट ब्यूरो का मुख्यालय रायपुर में है।
v आ£थक अपराध अन्वेषण ब्यूरो का मुख्यालय रायपुर में है।
v छत्तीसगढ़ आर्म्ड पुलिस का मुख्यालय भिलाई जिला दुर्ग में स्थित है।

छत्तीसगढ़ की जेल

v राज्य में 5 सेंट्रल जेल हैं – रायपुर,बिलासपुर, जगदलपुर, अंबिकापुर और दुर्ग।
v राज्य के बस्तर के मसगांव में स्थित जेल प्रदेश की एकमात्र खुली जेल है।
v जेल मुख्यालय में सर्वोच्च अधिकारी जेल महानिदेशक होते हैं जो आई.पी.एस. संवर्ग के अधिकारी होते हैं। प्रमुख जेलें निम्नवत हैं।
v सेंट्रल जेल अंबिकापुर
v सेंट्रल जेल बिलासपुर
v सेंट्रल जेल दुर्ग
v जिला जेल जशपुर
v जिला जेल कांकेर
v जिला जेल कोरबा

छत्तीसगढ़ न्यायपालिका

v छत्तीसगढ़ की स्थापना के साथ ही छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्थापना की गई जो भारत का 19 वाँ उच्च न्यायालय घोषित किया गया।
v उच्च न्यायालय का मुख्यालय बिलासपुर में स्थित है।
v राज्य के प्रथम मुख्य न्यायाधीश डब्लू. ए. शशांक थे।
v राज्य स्थापन तिथि को प्रथम कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस आर. एसगर्ग ने पदभार ग्रहण किया था।
v राजस्व मामलों के निपटारों के लिए गठित छत्तीसगढ़ राजस्व मंडल का मुख्यालय बिलासपुर में है।
v नए उच्च न्यायालय का मुख्यालय 2011 से बोदरी नगर पञ्चाय बिलासपुर में स्थानांतरित किया गया है।

छत्तीसगढ़ में अब तक के मुख्य न्यायाधीश

नाम पदभार ग्रहण की तिथि जस्टिस आर.एस. गर्ग 01 नवम्बर, 2000 जस्टिस डब्लू. ए.शशांक 04 दिसम्बर, 2000 जस्टिस के.एच.एन. कुरंगा 06 फरवरी, 2002 जस्टिस ए.सोमसुन्दरम वेंकट चला मू£त 28 मई, 2004 जस्टिस अनंग कुमार पटनायक 14 मार्च, 2005 जस्टिस एस.आर. नायक 17 नवम्बर, 2005 जस्टिस एच. एल. दत्तू 12 फरवरी, 2007 जस्टिस जगदीश भल्ला (कार्यवाहक) 19 मई, 2007 जस्टिस राजीव गुप्ता 02 फरवरी 2008 जस्टिस यतीन्द्र ¯सह 22 अक्टूबर, 2012 से 8 अक्टूबर, 2014 तक जस्टिस नविन सिन्हा 09 अप्रैल से अब तक

छत्तीसगढ़ पंचायती राज व्यवस्था

संविधान के 73वें संशोधन द्वारा पंचायती राज व्यवस्था को सभी राज्य में अनिवार्य रूप से लागू करने का प्रावधान किया गया है। छत्तीसगढ़ सहित एक्किकृत मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य था जहाँ 73वें एवं 74वें संविधान संशोधन के अनुरूप पंचायती राज व्यवस्था एवं नगरीय स्वशासन की व्यवस्था लागू की गई थी।

छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम

v 30 दिसम्बर 1993 मध्यप्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1993 विधानसभा में पारित।
v 24 जनवरी 1994 को राज्यपाल का अनुमोदन।
v 25 जनवरी 1994 को राजपत्र में प्रकाशन।
v 7 जून 2001 छत्तीसगढ़ शासन ने विधियों के अनुकूल आदेश 2001 बनाया गया।
v 18 जून 2001 को विधियों के अनुकूल आदेश राजपत्र में प्रकाशित।
v 1 नवम्बर 2000 छत्तीसगढ़ में विधियों के अनुकूलन आदेश 2001 प्रवृत्त।

पंचायतों की संख्या

v जिला पंचायतों की संख्या – 27
v जनपद पंचायतों की संख्या – 146
v ग्राम पंचायतों की संख्या – 10968

पंचायतों की संरचना

v प्रदेश में पंचायती राज का त्रि-स्तरीय ढांचा है जिलों में जिला पंचायत, प्रत्येक विकासखंड में जनपद पंचायत और एक अथवा अधिक गांवों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत का निर्माण होता है।
v जिला पंचायत – प्रत्येक जिले में जिला पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया है इसके पदाधिकारी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य।
v जनपद पंचायत -विकासखंड में जनपद पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया है इसके भी पदाधिकारी भी अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य हैं।
v ग्राम पंचायत – एक या एक से अधिक राजस्व ग्रामों को मिलाकर एक ग्राम पंचायत के गठन का प्रावधान किया गया है तथा इसके पदाधिकारी सरपंच, उप-सरपंच और पंच होते हैं।
v कार्यकाल – पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित किया गया है, समय पूर्व रिक्त या पंचायत भंग होने पर 6 माह के भीतर ही निर्वाचन का प्रावधान किया गया है।
v आरक्षण – जनसंख्या के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान किया गया है, 50% आरक्षण महिलायों के लिए किया गया है तथा वर्गवार पृथक किया गया है।

नगरीय प्रशासन

v विधानसभा द्वारा म.प्र. नगरपालिका व्‌ पंचायती राज विधेयक 1993 पारित किया गया था।
v नगर निगम – संख्या -12, वृहद्‌ नगरों के लिए नगर निगम के गठन का प्रावधान किया गया है। इसके पदाधिकारी महापौर और पार्षद होते हैं तथा प्रशासनिक अधिकारी नगर निगम आयुक्त होते हैं। रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, दुर्ग, राजनंदगांव, भिलाई, रायगढ़, अंबिकापुर, जगदलपुर, चिरमिरी, धमतरी एवं बीरगांव।
v नगर पालिका – संख्या – 44, छोटे नगरीय क्षेत्रों के लिए जिनकी जनसंख्या 20000 से अधिक है। इसके पदाधिकारी अध्यक्ष होते हैं।
v नगर पंचायत – संख्या – 113 सबसे छोटी इकाई, ऐसे संक्रमण शील नगर जिनकी जनसँख्या 500 – 20,000 हो। इसके पदाधिकारी भी अध्यक्ष होते हैं।

छत्तीसगढ़: जिले एवं प्रशासन

छत्तीसगढ़ में कुल 27 जिलें हैं, सामान्यतया हर जिले का मुख्यालय उसी जिले में होता है, सिर्फ कुछ जिलों के मुख्यालय अलग हैं, जैसे सुरगुजा का मुख्यालय अंबिकापुर, कोरिया का बैकुंठपुर तथा जंजघर-चंपा का नैला जांजगीर है, क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला सुरगुजा है, और जनसंख्या में सबसे बड़ा जिला रायपुर है, सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व दुर्ग जिले का है। छत्तीसगढ़ के जिले क्र.स. जिला मुख्यालय क्षेत्रफल (km2)
1. बालोद बालोद 3,527
2. बलोदा बाजार बलोदा बाजार 3412
3. बलरामपुर-रामानुजगंज बलरामपूर 3,806
4. बस्तर जगदलपुर 10,470
5. बेमेतरा बेमेतरा 2,855
6. बीजापुर बीजापुर 6,562
7. बिलासपुर बिलासपुर 8,272
8. दन्तेवाड़ा दन्तेवाड़ा 3,411
9. धमतरी धमतरी 2,029
10. दुर्ग दुर्ग 2,238
11. गरियाबंद गरियाबंद 5,823
12. जांजगीर-चाम्पा जांजगीर 3,853
13. जशपुर जशपुर 6,457
14. कवर्धा कवर्धा 4,447
15. कांकेर कांकेर 5,285
16. कोण्डागांव कोण्डागांव 7,769
17. कोरबा कोरबा 6,598
18. कोरिया बैकुंठपुर 6,604
19. महासमुन्द महासमुन्द 3,902
20. मंगेली मंगेली 2739
21. नारायणपुर नारायणपुर 7,010
22. रायपुर रायपुर 5,031
23. रायगढ़ रायगढ़ 12,383
24. राजनांदगांव राजनांदगांव 8,070
25. सुकमा सुकमा 2256.21
26. सूरजपुर सूरजपुर 2,787
27. सुरगुजा अंबिकापुर 15,732
प्रत्येक जिला उप संभाग और तहसील में विभाजित है, छत्तीसगढ़ में राज्य लोकसेवा आयोग के सदस्य उप संभाग और तहसील का शासन संचलित करते हैं, जबकि छत्तीसगढ़ राज्य लोकसेवा आयोग के कुछ सदस्य भारतीय प्रशासनिक सेवा और पुलिस सेवा के सदस्यों के सानिध्य में छत्तीसगढ़ के 27 जिलों की कानून व्यवस्था की देखरेख करते हैं।